Tuesday, October 4, 2011

Sule Maani Peer Budhu Shah pratya sadhna proyog

सुलेमानी पीर बुधु शाह पर्तक्ष साधना--
अब से कुश तीखा हो जाये --- मेरा मतलव है कुश तीक्षण साधनाए जो सर्वदा गुप्त रही है!
यह साधना मुझे मेरे पिता से प्राप्त हुई थी बहुत ही तीक्ष्ण साधना है यह इसे वोही साधक करे जो साधना में आलस्य ना अपनाते हो क्यों के अगर साधक साधना में लापरवाह हो तो ये साधक की पिटाई जरुर कर देता है इस लिए बहुत ही ध्यान देने योग्य है यह साधना और साबर अढाईआ मन्त्र के अंतर्गत आती है !यह बिलकुल पर्तक्ष की हुई साधना है !एक वार नहीं बहुत वार की हुई है और हर वार सफलता से हुई !मैं जहा एक अनुभव सुनाता हू जो मेरे पिता जी का है जिस से मुझे इसे करने की प्रेरणा मिली !
पिता जी को यह मन्त्र किसी महात्मा से मिला था !तो उन्हों ने इसे करना शुरू कर दिया मगर किसी नीयम बध नहीं बस खटिया पे बैठ कर जैसे सोने से पहले एक घंटा लगा लेते थे !अभी ८ दिन ही गुजरे थे के किसी ने पीछे पीठ में जोर से घुसा मारा और वोह अचानक अचबित ही थे एक एक दो और जड़ दिए दिखा कोई नहीं गिरते गिरते बच गये वोह और जैसे ही सभले कहा मैं अब सभाल गया हू !आप जो भी है सहमने आ जाये तो उसी वक़्त एक काले वस्त्र पहने सिर पे भी साईं की तरह काला कपडा लपेटे हुए एक हाथ में डंडा (लाठी )और दुसरे हाथ में एक टीन का डबा जिस में एक तार सी लगी थी पकड़ने के लिए जब मैंने यह की तो भी इसी पहरावे में इन के दर्शन हुए सहमने य़ा कर खलो गये पिता जी ने सोचा सयद मैंने कुश गलत चीज कर ली है !मगर बुधु शाह जी बोले क्यों बई क्यों याद किया मुझे बोलो क्या चाहते हो ओ पिता जी ने हाथ जोड़ कर बस इतना ही कहा बस वावा आपके दर्शन चाहता था जो हो गये अब और कुश नहीं चाहता तो वोह फिर बोले मांग लो जो मांगना चाहते हो तभी भी उन्हों ने जही कहा वोह फिर बोले अब तीसरा बचन है मांग लो क्या चाहते हो तो पिता जी ने फिर ऐसा ही कहा तो वोह बोले तुम ने मेरी साधना की है पर माँगा कुश नहीं फिर भी मैं तुमारी किसी वक़्त जान जरुर बचाऊगा इतना कह वोह अदृष्ट हो गये वक़्त गुजरता गया पिता जी भूल भी गये की क्या किया था एक साल हो गया था वोह कही जा रहे थे स्यकल से रेलवे लाइन के साथ साथ एक पग डंडी सी होती है जो वहा से होते हुए शहर को जाती थी !पिता जी उसी रस्ते से सायकल पे जा रहे थे अचानिक आगे से मालगाड़ी आ रही थी उस पे सरिया लादा था !और एक सरिया बाहर निकाल कर इस तरह से मुड़ा था के कोई भी दुर्घटना ग्रस्त हो सकता था तेज गाड़ी से दिखाई भी नहीं दे रहा था तो सहमने गाड़ी के इंजन पे साईं बुधु शाह जी बैठे जोर जोर से आवाज दे रहे थे मिस्त्री पीछे हट जायो गाड़ी मार देगी !लेकिन इस से पहले पिता जी सभलते गाड़ी पास में आ गई थी ! और साईं बुधु शाह जी ने शालाग लगा के पिता जी को एक तरफ फेक दिया और सरिया पास से गुजर गया और बाद में उठाया और कहा देखा मैंने कहा था मैं तेरी जान बचाऊ गा सो मैंने बचा दी क्यों के तुम ने मेरी साधना की थी जिसका मेरे उपर ऋण था !इस तरह पीर बुधु शाह जी की कृपा से मेरे पिता जी की जान बच गई !यह अनुभव इसी लिए दिया के यह साधनाए कभी निष्फल नहीं जाती जो आप सचे मन से मेहनत करते हो वोह आपको कभी ना कभी फल जरुर देती है !इस में कोई शंशय नहीं है !
इस साधना के कई लाभ है यह लोटरी सटा अदि भी देती है और जीवन भर साधक की रक्षा भी करती है और पीर बुधु शाह जी की मदद से आने वाले और बीत चुके समय की जानकारी मिलती रहती है वोह किसी के भूत भविष्य में झाक सकता है !और यह साधना कई उलझे हुए रहस्य सुलझा देती है बाकि इसके बहुत लाभ है आप स्व कर प्राप्त कर सकते हैं मगर इसे अजमाने के इरादे से ना करे और साधना में आलस्य ना दे !
इसी लिए कहता हू के सुस्त साधक इसे ना करे !
विधि -- यह किसी भी गुरुवार जा मंगलवार को करे !
२ जप के लिए काले हकीक की माला प्रियाप्त है !
३. तेल का दिया जला सकते है इस में किसी भी परकार का तेल वर्त सकते है फिर भी सरसों का जा तिल का तेल वर्त ले !
४.लोवन का धूप जा अगरवत्ती इस्तेमाल करे !
५. वस्त्र काले और आसान कंबल का वर्त सकते है !४० दिन साधना करनी है !
६. मन्त्र जप २१ माला करना है !
जब भी सहमने आये डरे ना बेजिझक अपने मन की बात कह दे !

साबर अढाईआ मन्त्र --
ॐ नमो आदेश गुरु को
हनुमान की खोपड़ी नाहर सिंह का कड़ा जहाँ कहाँ याद करा पीर बुधु शाह हाजर खड़ा !!

9 comments:

vipandra tamiya said...

bohot achhi sadhna hai ye sir is sadhna ko me sahi samay ane par jarur karunga aur aapse margdarshan bhi lunga

Chitwant Singh said...

guruji kya is sadhna mein 21 mala jap krna jroori hai kya kam nhi kar skte aur bramcharya ka dhyaan rakhna jroori hai is sadhna mein iski sidhi ke baad kya peer buddu shah ji sabhi kam kar skte hai jaise vashikaran ya dhan aadi ki prapti

Chitwant Singh said...

guruji kya is sadhna mein 21 mala jap krna jroori hai kya kam nhi kar skte aur bramcharya ka dhyaan rakhna jroori hai is sadhna mein iski sidhi ke baad kya peer buddu shah ji sabhi kam kar skte hai jaise vashikaran ya dhan aadi ki prapti

Chitwant Singh said...

parnam guruji kya is sadhna mein 21 maala hi karna jaroori hai jaisa ke aapne post mein likha hai ke aapke father sahab ji roz ek ghanta is mantra ko japte the kya one haour ya 5 maala suitable hai is mantra ke liye plz btayein

Pooja Sharma said...

Guruji kya Yeh sadhna ladkiya bhi kar sakti hai? Hakim mala jaruri hai kya?

Chitwant Singh said...

sir ji mujhe yeh sadhna karni hai main sikh family se hoon kya main 10 maala roz kar skta hoon iske liye kya sharir kilan mantra ya gola khich skte hain , kyuki aapne kaha tha ke aapke father sahab ji kewal one hour is sadhna ko karte the isliye main socha 10 maala bhut hongi plz btayein

Rajesh Sharma said...

Sir ji nikhil parnam kya peer bhuddu sah ki shadhna mein koi khtra hai kirpa karke batane ja kast karen main is shadhna ko karna chatha hun mera marg darshn karen ji

Naveen Kanchan said...

Guru ji pranam aap muje batane ki kirapa karinge ki shadena ke bech me koi anubhab hota hi ya nahi
Kya peer akdem se samne ajate hi
Please jabab dejiyaga

Naveen Kanchan said...

Guru ji pranam aap muje batane ki kirapa karinge ki shadena ke bech me koi anubhab hota hi ya nahi
Kya peer akdem se samne ajate hi
Please jabab dejiyaga