Wednesday, December 26, 2012

gyan batane par badhta hai




हम में से कई की ये मानसिकता है की सिर्फ उन्ही के पास ज्ञान रहे सिर्फ वो ही आगे बढे, बाकि लोगो से उन्हें कोई मतलब नहीं है। उनकी इसी मानसिकता के चलते काफी लोग उस दुर्लभ ज्ञान से वंचित रह गए जो ज्ञान किसीकी जिंदगी बदल सकता था ..............उन्होंने ये कभी नहीं सोचा की उनके पास जो ज्ञान है वो सिर्फ इसलिए है की उन्हें भी ये ज्ञान किसी ने दिया है ................
सदगुरुदेव इस प्रकार की मानसिकता के सदैव खिलाफ थे ..................सदगुरुदेव ने सदैव उन साधू , सन्यासी ,योगियों को जम के फटकारा की इन गुफाओ ,कंदराओ में बैठ के क्या हो जायेगा ??????? वो विद्या वो ज्ञान किस काम की जो समाज के काम न आ सके ......................

और इसका जीता जगता उद्धारण आपके सामने है ..........जो सनातन विद्या लुप्त सी हो गयी थी सदगुरुदेव ने उसे पुनः समाज के सामने लाया और खुले दिल से लुटाया ...............जो विद्या देवताओ के लिए भी दुर्लभ थी वो अदुतिय विद्या भी देते समय एक छन भी नहीं सोचा ..............जो कोई भी उनके द्वार पे गया कभी खली हाँथ नहीं लौटा ............................

इसी ज्ञान को घर घर में पहुचने के लिए उन्होंने मंत्र तंत्र यन्त्र विज्ञानं पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया ..................उन्होंने हमेशा ये कहा की आप लोग इस पत्रिका का जितना प्रसार कर सके करे .....जितने पत्रिका सदस्य आप बना सके उसे बनाये ..........क्योंकि आप सब मेरे प्राणों के अंस है अगर आपसे अपने दिल की बात नहीं कहूँगा तो फिर किससे कहूँगा ...........ये सिर्फ आपका फर्ज ही नहीं बल्कि मेरी आज्ञा भी है ................

सदगुरुदेव की सदेव यह इच्छा रहती थी की उनके शिष्य भी इस ज्ञान को सभी जगह फलाये ........................ इसीलिए उन्होंने कहा मै तुम सब को जीता जगता ग्रन्थ बनाना चाहता हूँ ...........तुम्हे सूर्य बनाना चाहता हूँ ............... जिससे आप स्वयं तो प्रकाशित हो ही पर आप दुसरे को भी प्रकाशित कर सके ...........जीवन की सार्थकता सही अर्थो मे इसी में है ...............

सदगुरुदेव कह रहे है की शुभ अवसर पर हम एक दुसरे को मिठाइया देते है ये परम्परा तो काफी समय से चले आ रही है .................आप एक नयी परम्परा प्रारंभ करे ..........आप पत्रिका या कैसेट उपहार स्वरुप दे .............आप कैसेट गुरुधाम से मंगवा कर या ग्रुप और युटियुब मे भी सदगुरुदेव की काफी कैसेटे लोड हो चुकी है, अतः आप भी इन कैसेटो को सीडी मे कॉपी करके या सॉफ्ट कॉपी, जैसी आपकी सुविधा हो नए वर्ष के अवसर पे उपहार स्वरुप दे ............... ताकि आप भी किसी के घर में ज्ञान का दीपक जला सके .................

आइये हम सब मिलके एक नयी परम्परा प्रारंभ करे ........ और ये प्रतिज्ञा करे की हम खुद तो प्रकाशित होंगे ही पर दुसरे को भी अवश्य प्रकशित करेंगे ...............................................

जय सदगुरुदेव
वन्दे निखिलं जगद्गुरुम

4 comments:

Rinoplasti said...

I have read your article, I think this is very good! Simple language, concise blog! Another kind of style! I like.The blog article very surprised to me! Your writing is good. In this I learned a lot! Thank you
Rinoplasti

Vinay Chaudhry said...

Sir ji meri madad kijiye aapki bhot kripa hogi maine kaafi varsho se hastmaithun kr rha hu jiske kaaran mai bhot kamjor hogya hu or shigrapatan ka shikaar ho gya hu. Kripya sadguru dev ji ke mujhe kuch upaay bataien aapki bahut kripa hogi mujh par

burun estetigi said...

Nice information you have shared here and it's great pleasure for me to read this.
Burun Estetiği

Mohd Anas said...

Nice